Tag Archives: Social Media

THE SNAKES IN OUR OWN GRASS-By Sandeep

The Snakes in Our Own Grass What’s common to LeT, JuD, Yasin Malik, and Hafiz Saeed? All are terrorists who’ve vowed the destruction of India and have at various points, taken violent steps to make this intention clear. What else … Continue reading

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SAY IT HARD AND TRUE,AT LEAST NOW

Say it hard and true, at least now   NT Bureau Mumbai 1993 down to Coimbatore explosions to Delhi Deepavali blasts to attack in IISc in Bangalore to explosions in Varnasi to countless blasts in Kashmir to Mumbai again yesterday. … Continue reading

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“BEFORE OUR EYES”BLASPHEMY AS A TACTIC-THIERRY MEYSSAN

The circulation on the Internet of the trailer for a film, The Innocence of Muslims, sparked demonstrations across the world and resulted in the killing in Benghazi of the US Ambassador to Libya and members of his entourage. At first … Continue reading

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100 करोड़ से अधिक हिन्दू!किस से डरते है?हमें कौन डराता है- सत्यमित्र

१०० करोड़ से अधिक हिन्दू,५००० वर्षों से अधिक प्राचीन हमारी गौरवशाली परम्पराए,हमारा जीवन दर्शन,हमारे सांस्कृत मूल्य ,हमारा वैज्ञानिक सत्य सनातन वैदिक धर्म/हमें मिटाने की हजारों कोशिशे,लाखों हिन्दुओं का वध,लेकिन तब भी हम हैं और आने वाले हज़ारों वर्षों तक मानव … Continue reading

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हिन्दुओं का अतुलनीय आत्मघाती अंधविश्वास और पाखंड -सत्यमित्र

यान्ति देवव्रता देवान् पितृन्यान्ति पितृव्रताः भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्याजिनोऽपिमाम् गीता में भी भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि भूत प्रेत, मूर्दा (खुला या दफ़नाया हुआ अर्थात् कब्र अथवा समाधि) को सकामभाव से पूजने वाले स्वयं मरने के बाद भूत-प्रेत ही … Continue reading

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जीने की राह(भाग-३)सृष्टि की उत्पति एवं ईश्वर -लेखक सत्यमित्र

इस ब्रह्मांड में जीवन कब , क्यों और कैसे  प्रारम्भ  हुआ?अनंतकाल से यह  प्रश्न सदा अनुतरित रहा है तथा सम्भवता भविष्य में भी इसका उत्तर कोई नही दे सकेगा/ सब कुछ अनुमान पर आधारित है तथा आने वाले समय में अनुमान ही लगाये जाते रहेंगे /कोई अंदाजा भी लगाये तो क्या लगाये /प्रश्न लाखों,करोड़ों बल्कि अरबों वर्षों का है/वैज्ञानिक,दार्शनिक,विचारिक,बड़े बड़े योगी तपस्वी तथा तत्वज्ञानी चिरकाल से इस गुत्थी    को सुलझाने में लगे … Continue reading

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जीने की राह(भाग-२)जीवन एक पहेली-लेखक -सत्यमित्र

क्या जीवन एक अनबूझ पहेली है?बहुत से लोग इस संसार के वृहत प्रसार को देख कर अचंभित एवं भ्रमित हो जाते है तथा जीवन के गूड रहस्यों को पूरी तरह नहीं समझ पाते/ उनकी स्तिथि बिलकुल वैसी ही होती है … Continue reading

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