ओसामा ज़िंदा है

ओसामा ज़िंदा है

ओसामा मुसलमानों के दिलों में हमेशा के लिए ज़िंदा है

पिछ्ले कुछ महीनो मे हमने सारी दुनिया को एक नया और बहुत दिलचस्प खेल खेलते देखा, जिसका नाम है “ओबामा – ओसामा”

एक टीम है जो कि ओबामा के समर्थन मे है और कहती है कि ओसामा मारा गया है| वहीं दूसरी टीम है जो कहती है कि नहीं यह झूठ है और हक़ीकत मे ओसामा अभी भी ज़िंदा है| नेताओं को इस सारे मामले में अपनी राजनीति के ज़रिए फायेदा उठाने का अवसर मिल गया और मीडिया को गरम गरम और मसालेदार खबरों से अपने समाचारपत्रों को ठूस ठूस कर भरने का मौका मिल गया|

लेकिन हमेशा कि तरह वह ग़रीब जनता ही है जो रह गयी एक बार फिर धुंधली और अंधेरी आधी अधूरी हालत में अंदाज़े लगाते हुए कि वास्तव मे ओसामा मारा गया या नहीं? और अगर जनता इस दावे को शक की नज़र से देखती है तो उसके पास इसकी ठोस वजह है| ज़ाहिर सी बात है कि जब तक मरे हुए ओसामा की तस्वीर ना देख लें तो क्यों इस बात पर यकीन करें की दुनिया का सब से ख़तरनाक आतंकवादी मारा जा चुका है|

आज सारे शक और संदेहों को दूर करते हुए मैं आप को सच बताता हूँ| और सच यह है कि “ओसामा मरा नहीं है – ओसामा ज़िंदा है” और मैं जनता हूँ कि ओसामा कहाँ है?

ओसामा हमेशा के लिए ज़िंदा है मुसलमानों के दिलों में| ओसामा ज़िंदा है मुसलमानो के दिमाग़ों में| वह इसलिए कि ओसामा अब ना तो एक इंसान रहा है और ना ही एक आत्मा बल्कि ओसामा अब मुसलमानों के लिए एक पवित्र सोच में बदल चुका है| दूसरे और साफ़ साफ़ शब्दों मे कहूँ तो ओसामा मुसलमानों का नया पैग़ंबर/नबी बन चुका है जिस के सिखाए हुए रास्ते पर चलना हर मुसलमान का धर्म और फ़र्ज़ है|

क्या फ़र्क पड़ता है के अगर शारीरिक रूप से ओसामा इस दुनिया मे नही भी है लेकिन इस दुनिया से जाने से पहले मुसलमानों के दिलों और दिमाग़ों मे इतना कट्टरपंथ और आतंकवाद भर के चला गया है के आने वाली दस शताब्दियों तक भी हम इस दुनिया को शांतिप्रिय नही बना सकेंगे|

एक वक़्त था जब मुसलमान छुप कर ओसामा जैसे आतंकवादियों का साथ देते थे लेकिन अब तो बिना अमरीका और क़ानून से डरे सारी दुनिया के सामने ओसामा के लिए ज़िंदाबाद और अमर रहे के नारे लगते हैं, उसको एक शहीद कि तरह पूजते हैं और उसकी फूल चढ़ी हुई तस्वीर तो दुनिया के हर मुसलमान के घर मे मिल जाएगी|

इसलिए फिर कहूँगा कि ओसामा को शारीरिक रूप से मारने का मतलब आतंकवाद पर जीत नहीं है| भारत के साथ साथ दुनिया भर के शांति प्रिया देशों से मेरा अनुरोध है कि ओसामा जैसे एक आतंकवादी को ख़तम करने कि जगह इस बात का हाल निकालें कि किस तरह इस्लामी सोच को मारा जाए जिस मे कट्टरपंथ और आतंकवाद कूट कूट कर भरा है, ताकि इस्लाम, कट्टरपंथ और आतंकवाद के बिना एक शान्तिपूर्ण विश्व की स्थापना की जा सके|

source:http://mundosinislam.com/hindi/

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